यह है माता पार्वती की जन्म कथा
पुराणों में बताया गया है कि एक बार सती अपने पिता प्रजापति दक्ष की ओर से आयोजित यज्ञ में शामिल होने गई थीं। वहां उनके पिता ने शिव के बारे में बहुत अपशब्द कहा था, जिसे सुनने के बाद क्रोध में आकर माता पार्वती ने पिता के यज्ञ कुंड में ही अपने आप को भस्म कर दिया था। इसके बाद शिव को पति रूप में पाने के लिए पार्वती रूप में जन्म लिया और कठोर तप से शिवजी की अर्धांगिनी बन गईं।
पार्वती जी और उनका परिवार
माता पार्वती हिमालय के राजा हिमावन और मैनावती की बेटी हैं। माता पार्वती के दो पुत्र गणेश और कार्तिकेय हैं। कई पुराणों में शिव परिवार में शिवजी और माता पार्वती की एक पुत्री का भी उल्लेख है।
नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा की जाती है। नवरात्रि के दौरान इस दिन का विशेष महत्व है। देवी महागौरी का अत्यंत गौर वर्ण हैं। इनके वस्त्र और आभूषण सफेद हैं। इनकी चार भुजाएं हैं। महागौरी का वाहन बैल है। देवी के दाहिने ओर के ऊपर वाले हाथ में अभय मुद्रा और नीचे वाले हाथ में त्रिशूल है। बाएं ओर के ऊपर वाले हाथ में डमरू और नीचे वाले हाथ में वर मुद्रा है।
कहा जाता है कि भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए इन्होंने कठोर तपस्या की थी, जिससे इनका शरीर काला पड़ गया। इनकी कठोर तपस्या से महादेव प्रसन्न हो गए और इनकी प्रार्थना स्वीकार कर ली। इनके शरीर का रंग तपस्या से काला हो जाने के कारण महादेव ने इन्हें गंगाजल से धोया तो ये फिर से गौर रंग वाली हो गईं। इसी कारण इनका नाम गौरी पड़ गया। इसी कारण कहा जाता है कि अष्टमी के दिन व्रत रखने से भक्तों को उनका मनचाहा जीवनसाथी मिलता है।
महागौरी की एक अन्य कथा भी प्रचलित है। इसके अनुसार जब मां उमा जंगल में तपस्या कर रही थीं, तभी एक शेर वन में भूखा घूम रहा था। खाने की तलाश में वहां पहुंचा जहां मां तपस्या में लीन थी। देवी को देखकर शेर की भूख बढ़ गई और शेर उनके तपस्या पूरी करने का इंतजार करने लगा। इस इंतजार में वह काफी कमजोर हो गया। देवी जब तप से उठी तो शेर की दशा देखकर उन्हें उस पर बहुत दया आई। मां ने उसे अपनी सवारी ली और एक प्रकार से उसने भी मां के साथ तपस्या की थी। इसलिए देवी महागौरी का वाहन बैल और सिंह दोनों ही हैं।
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| No. | Name | Descriptions |
|---|---|---|
| 1/2- | शिव मंत्र साधना | Shiv Tantra Mantra Sadhana |
| 3/4– | Shiv Lok Mantra शिव लोक मंत्र साधना | Parvati Devi Mantra |
| 5/6– | Parvati पार्वती देवीDevi Sadhana | शिव महामृत्युंजय मंत्र MahaMrityunjaya Mantra |
| 7/8– | उग्र साधना Ugra Shiv Power Mantra | Shiv Yoga योगा |
| 9/– | Swaran स्वर्ण भैरव Gold Bhairav Mantra | मंत्र साधना |
| 10/11– | शिव हवन Shiv Shakti Hawan Yajna fire ritual | Mantra |





