माता पार्वती का स्वरूप
पुराणों के अनुसार माता पार्वती का मुख उज्ज्वल और तेजमय है। गौर वर्ण होने के कारण इन्हें माता गौरी भी कहा जाता है। इनके आठ हाथों में त्रिशूल, पास, अंकुशा, शंख, चक्र, तलवार, कमल विद्यमान हैं। माता का वाहन वृषभ बताया गया है। सफेद वस्त्र धारण करने वाली ममतामयी स्वभाव वाली पार्वती को मां अम्बे भी पुकारा जाता है।
यह पूजन सामग्री जरूर रखें
देवी मां की आराधना के लिए यह सामग्री जरूरी होती हैं। माता पार्वती का मंत्र सिद्ध यंत्र तथा माला गणेशजी की मूर्ति के स्नान के लिए तांबे का पात्र, तांबे का लोटा, कलश, दूध, देव वस्त्र और आभूषण रखें। चावल, दीपक, तेल, रुई,कुमकुम, धूपबत्ती, अष्टगंध। गुलाब के फूल, प्रसाद के फल, दूध, मिठाई, नारियल, पंचामृत, सूखे मेवे, शक्कर, पान, दक्षिणा।
पूजा में जरूरी होता है संकल्प
पूजन से पहले संकल्प जरूर लें। हाथों में जल, फूल और अक्षत लेकर जिस दिन पूजा कर रहे हैं उसकी तिथि, वर्ष, वार और जगह का नाम अपना गोत्र लेकर अपनी इच्छा का स्मरण करें। संकल्प के बाद जल को जमीन पर छोड़ दें।
यह है पूजा विधि
प्रथम पूज्य भगवान गणेश की पूजा किसी भी शुभ कार्य में करना चाहिए। सुखदाता, मंगलकारी और मनोवांछित फल के दादा गणेशजी को सर्वप्रथम पूजने का वरदान प्राप्त है। भगवान को स्नान कराएं। वस्त्र अर्पित करें। गंध, पुष्प, अक्षत अर्पित करें। अब माता पार्वती का पूजन करें। माता पार्वती की मूर्ति या यंत्र भगवान शिव के बायीं तरफ स्थापित करना चाहिए। माता का आह्वान करें। पार्वती को यंत्र में आसन दें। अब देवी के यंत्र को स्नान कराएं। जल से स्नान कराएं, फिर पंचामृत से और फिर स्वच्छ जल से स्नान कराएं। माता को वस्त्र अर्पित करने के बाद आभूषण पहनाएं। पुष्पमाला अर्पित करें। इत्र लगाकर तिलक करें। धूप और दीप जलाकर फूल और चावल अर्पित करें। घी या तेल का दीपक लगा सकते हैं। इसके बाद आरती करें। परिक्रमा के बाद नेवैद्य अर्पित करें।
अस्य स्वयंवरकलामंत्रस्य ब्रह्मा ऋषिः, अतिजगति छन्दः, देवीगिरिपुत्रीस्वयंवरादेवतात्मनोऽभीष्ट सिद्धये मंत्र जपे विनियोगः।
‘ऊँ उमामहेश्वराभ्यां नमः’’
‘ऊँ गौरये नमः
शिव पार्वती मंत्र हिंदी में । हिन्दू धर्म में एक बेहद ही प्रमुख मंत्र माना जाने वाला यह मंत्र माता पार्वती और भगवान शिव की एक साथ पूजा अर्चना के लिए समर्पित है। इस मंत्र का जाप आपको दोनों के ही प्रति सामूहिक रूप से भक्ति भाव रखते हुए करना होता है। शिव पार्वती के इस मंत्र का जाप बेहद ही लाभकारी सिद्ध होता है।
ॐ उमा महेश्वराभ्यां नमः॥
शिव पार्वती मंत्र का विवरण : भगवान शिव और माता पार्वती इस मंत्र से आपको उनकी कृपा और आशीर्वाद की प्राप्ति सामूहिक रूप से होती है। इस मंत्र का जाप मनुष्य के भीतर आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान को बढ़ावा देता है। साथ ही यह मंत्र आपके समाज और परिवार में आपके मान-सम्मान की वृद्धि करता है और आपकी समर्थता को बढ़ाता है। यह भी कहा जाता है की इस मंत्र के जाप से व्यक्ति को शक्ति, सौभाग्य, धैर्य, और सुख की प्राप्ति होती है।
भगवान शिव का यह गायत्री मंत्र बेहद ही फलदायी माना जाता है, इसके जाप से आपको शिव जी की कृपा प्राप्त होती है और कई अद्भुत लाभ प्राप्त होते हैं। आप भी जानें इस मंत्र की महिमा और इसके जाप से होने वाले लाभ। शिव पार्वती के इस मंत्र का जाप करने के लिए शिवरात्रि, सोमवार, और शुक्रवार का दिन सबसे उचित माना जाता है। इस मंत्र का जाप करने के लिए आपको एक शांत और शुद्ध स्थान का चयन करना चाहिए, घर का पूजा घर इसके लिए उपयुक्त है। माता पार्वती और भगवान शिव को समर्पित इस मंत्र को आप सुबह या शाम कभी भी कर सकते हैं। साथ ही ध्यान रखें की इस मंत्र का जाप करते समय आपका मन शुद्ध और पवित्र हो।
पार्वती मंत्र
pervati mantra for fast wedding
हिन्दू धर्म में मंत्रो का बहुत महत्व है। ऐसा माना जाता है कि मंत्रो के जप से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। जब भी माता के पूजन की बात होती है तो भागवत पुराण में माता पार्वती के बारे में बताया गया है। उन्हें दुर्गा, काली का रूप माना जाता है। इन्हें गौरी और अम्बे मां भी कहा जाता है।
देवी पार्वती भगवान भोलेनाथ की पत्नी के रूप में पूजी जाती हैं। मान्यता है कि पार्वती जी का व्यवहार दया, कृपा और करुणा से भरा हुआ है। इसलिए कुंवारी लड़कियां अच्छे वर की प्राप्ति के लिए भगवान् शिव के साथ माता पार्वती की पूजा करती हैं। ऐसा माना जाता है कि यदि लड़कियां पार्वती जी के कुछ मन्त्रों का जाप करती हैं तो ये उनके लिए लाभकारी माना जाता है। आइए ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु विशेषज्ञ डॉ.आरती दहिया जी से जानें माता पार्वती के मंत्रों के बारे में।
पार्वती मंत्र के जाप के लाभ
कई बार आपकी शादी में समस्या होती है और कई बार चीजें हमारे नियंत्रण से बाहर हो जाती हैं कि हम रिश्ते को खत्म करने के बारे में सोच सकते हैं लेकिन पार्वती माता के मंत्र जाप से आपका विवाह सफल हो सकता है।
विवाह में आ रही अड़चनों को दूर करने के मंत्र
parvati mantra jaap
विवाह में आ रही अड़चन को दूर करने के लिए आपको निम्नलिखित ‘स्वयंवर पार्वती मंत्र’ का जाप करना चाहिए। हिंदू मान्यता के अनुसार यह मंत्र माता पार्वती को ऋषि दुर्वासा से प्राप्त हुआ था। इसी मंत्र से माता पार्वती ने भगवान भोलेनाथ को पति के रूप में प्राप्त किया था।
स्वयंवर पार्वती मंत्र
ॐ ह्रीं योगिनी योगिनी योगेश्वरी योग भयंकरी
सकल स्थावर जंगमस्य मुख हृदयं मम वशं
आकर्षय आकर्षय नमः।।
जिन कन्याओ की शादी में विलंब हो रहा है उन कन्याओ को घर में माता पार्वती की तस्वीर के सामने या शिव जी के मंदिर जाकर माता पार्वती स्त्रोत का पाठ अवश्य ही करना चाहिए।
कैसे करें मंत्रों का जाप
जिन कन्याओ के विवाह में विलंब आ रहा है पूजन से पहले उसका संकल्प जरूर लें। हाथों में जल, फूल और अक्षत लेकर जिस दिन पूजा कर रहे हैं उसकी तिथि, वर्ष, वार और जगह का नाम अपना गोत्र लेकर अपनी इच्छा का स्मरण करें। संकल्प के बाद जल को जमीन पर छोड़ दें। जिन कन्याओ की शादी में देरी हो रही है गुरु पुष्य रवि पुष्य अक्षय तृतीया या श्रावण मास में निम्नलिखित मंत्रो का जप संकल्पपूर्वक शुरू करना चाहिए। इससे माता पार्वती की कृपा अवश्य ही प्राप्त होगी|
ह्रीं गौर्य नम :
है गौरि शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकर प्रिया।
तथा मां कुरू कल्याणि कान्तकान्तां सुदुर्लभाम्।।
इस मन्त्र का तात्पर्य है -हे गौरि, शंकर की अद्र्धांगिनी! जिस प्रकार तुम शंकर की प्रिया हो, उसी प्रकार हे कल्याणी! मुझ कन्या को दुर्लभ वर प्रदान करो।
माता पार्वती का सबसे प्रिय मंत्र
Mantra
ऊँ उमामहेश्वराभ्यां नमः
ऊँ पार्वत्यै नमः
शिव व पार्वती माता को प्रसन्न करने के लिए इस मंत्र का जप भी कर सकते है इससे भी विवाह में आ रही अड़चनें दूर होती हैं।
ऊँ साम्ब शिवाय नमः
ऊँ गौर्ये नमः
सावन में करें माता पार्वती के इन मंत्रों का जाप
निम्नलिखित मंत्र का जप अगर हम सावन के सोमवार से शुरू करेंगे तो हमे ये अत्यंत लाभकारी परिणाम देगा।
हे गौरी शंकरार्धांगी। यथा त्वं शंकर प्रिया। तथा मां कुरु कल्याणी, कान्त कान्तां सुदुर्लभाम्।’
यदि कन्या के विवाह में कोई रूकावट आ रही हो तो पूजा वाले 5 नारियल लें और शिवालय में रख कर ॐ श्रीं वर प्रदाय श्री नमः मंत्र की पांच माला का जाप करें। जाप के बाद पांचों नारियल शिव जी के मंदिर में चढ़ा दें। इस मंत्र से आपके विवाह की बाधाएं दूर होती जाएंगी।
अच्छे वर की प्राप्ति के लिए करें इन मंत्रों का जाप
अच्छे वर की कामना पूर्ति हेतु कन्या को निम्न मंत्र का शिव-गौरी पूजनकर एक माला का जाप करना चाहिए।
ॐ नमः मनोभिलाषितं वरं देहि वरं ह्रीं ॐ गोरा पार्वती देव्यै नमः
जल्द ही विवाह की इच्छा रखने वाले शुक्रवार के दिन भगवान शंकर पर जलाभिषेक करें तथा शिव लिंग पर ‘ॐ नमः शिवाय’ जपते हुए 108 श्वेतार्क पुष्प चढ़ाएं और शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें। साथ ही, शिवजी पर 21 बिल्व पत्र चढ़ाएं, यह कम से कम 7 शुक्रवार करें, शीघ्र ही विवाह के प्रस्ताव आने आरंभ हो जाएंगें।
प्रत्येक सोमवार को प्रातः नहा-धोकर शिवलिंग पर
‘ॐ सोमेश्वराय नमः’
मंत्र का जाप करते हुए दूध में जल मिलाकर चढाएं और मंदिर में बैठ कर रूद्राक्ष की माला से इसी मंत्र का एक माला का जप करें। इस उपाय से विवाह आ रही बाधा दूर हो जाएंगी।
Parvati Yantra Mala Smagri
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SadhGuru
| No. | Name | Descriptions |
|---|---|---|
| 1/2- | शिव मंत्र साधना | Shiv Tantra Mantra Sadhana |
| 3/4– | Shiv Lok Mantra शिव लोक मंत्र साधना | Parvati Devi Mantra |
| 5/6– | Parvati पार्वती देवीDevi Sadhana | शिव महामृत्युंजय मंत्र MahaMrityunjaya Mantra |
| 7/8– | उग्र साधना Ugra Shiv Power Mantra | Shiv Yoga योगा |
| 9/– | Swaran स्वर्ण भैरव Gold Bhairav Mantra | मंत्र साधना |
| 10/11– | शिव हवन Shiv Shakti Hawan Yajna fire ritual | Mantra |





